NCERT Solutions for Class 10 Hindi Path-7: Balgobin Bhagat
'बालगोबिन भगत' रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा रचित एक संस्मरणात्मक रेखाचित्र है, जिसमें एक सरल, कर्मठ और कबीरपंथी किसान बालगोबिन भगत के जीवन, उनकी भक्ति भावना, तथा उनके अद्वितीय जीवन-दर्शन का सजीव चित्रण किया गया है।
पाठ का सार एवं मुख्य बिंदु
पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: बालगोबिन भगत एक सीधे-सादे, सत्यनिष्ठ और कर्मठ किसान थे, जो कबीर के भक्त थे। वे सफेद वस्त्र पहनते, स्वयं परिश्रम करके खेती करते, तथा जीवनभर सत्य और ईमानदारी के सिद्धांतों का पालन करते थे।
प्रश्न: बालगोबिन भगत अपने पुत्र की मृत्यु पर सामान्य रीति से भिन्न व्यवहार क्यों करते हैं?
उत्तर: बालगोबिन भगत की आध्यात्मिक मान्यता थी कि आत्मा परमात्मा से मिलन को प्राप्त होती है, इसलिए मृत्यु शोक का नहीं बल्कि उत्सव का विषय है। उन्होंने पुत्र की मृत्यु पर शोक मनाने के बजाय भजन गाकर और नाचकर इस अवसर को आध्यात्मिक मिलन के रूप में मनाया।
प्रश्न: बालगोबिन भगत ने अपनी विधवा बहू के प्रति कैसा दृष्टिकोण अपनाया?
उत्तर: पुत्र की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी विधवा बहू को उसके पीहर भेजकर पुनर्विवाह करने के लिए प्रेरित किया, जो उस समय की सामाजिक रूढ़ियों के विपरीत एक साहसिक और प्रगतिशील कदम था, जो उनकी उदार सोच को दर्शाता है।
प्रश्न: 'बालगोबिन भगत' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: यह पाठ सरलता, सच्चाई, कर्मठता तथा गहन आध्यात्मिकता से युक्त जीवन जीने का संदेश देता है, तथा यह दर्शाता है कि सच्ची भक्ति एवं मानवीय मूल्यों का पालन करने वाला व्यक्ति समाज में विशिष्ट स्थान प्राप्त करता है।